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बेशर्म निज धर्म निडरता समय चिंताएं छोड़ चैत्र की शुक्ल प्रतिपदा निज निसर्ग सतत् ही प्रयास बिना शर्त के प्रेम स्वप्रेम सहयोगी निभाते रहें परिणाम हालातbyLokriti सेवा होना नहीं निराश ज्ञान बढ़ाएं नियोजित नई शुरुआत आज का विचार सतत् प्रसन्नता

Hindi निज सुधार Quotes